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UP के कारोबारी के घर आयकर विभाग का एक्शन, 160 करोड़ बरामद, अब भी चल रही नोटों की गिनती

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Vidhansabha Chunav 2022) से पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (आयकर विभाग) ने कानपुर (Kanpur News) में दो बड़े कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है. एक बड़े कारोबारी एवं गुटखा किंग और उसके सप्लायरों के ठिकानों पर छापेमारी (Raid) की गई. गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट (DGGI) ने शुक्रवार को कहा कि इत्र कारोबार से जुड़े कानुपर के एक बिजनेसमैन पीयूष जैन (Piyush Jain) के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद हुई है.

सीज किए गए बैंक नोटों की गिनती चल रही है. जैन कानपुर की एक पान मसाला कंपनी को भी आपूर्ति करता है. समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं पर एक्शन के बाद अब आयकर विभाग की टीम ने बड़े इत्र कारोबारी पीयूष जैन (Piyush jain) और पान मसाला कारोबारी केके अग्रवाल के घर और ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी रकम बरामद की है. केवल इत्र कारोबारी पीयूष जैन के यहां छापेमारी में करीब 160 करोड़ रुपये मिले हैं और छापेमारी का सिलसिला बीते 24 घंटे से जारी है.

एएनआई से बातचीत में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष विवेक जौहरी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली कि त्रिमूर्ति फ्रेग्रेन्सेस बिना इनवॉयस या टैक्स भुगतान के काम कर रही थी. इसके बाद उनकी 3 संस्थाओं की तलाशी ली और लगभग 150 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि सीबीआईसी के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी नगदी की जब्ती है. दरअसल आयकर विभाग ने कानपुर और कन्नौज के बड़े परफ्यूम कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर कल सुबह रेड की थी. उसके बाद वहां पर आयकर विभाग को भारी मात्रा में नगदी मिली. कल से ही वहां पर नगदी की गिनती जा रही है, जो आज दोपहर तक चल रही है.

दरअसल, आरोप है कि कई फ़र्ज़ी फर्मों के नाम से बिल बनाकर कंपनी ने करोड़ों रुपयों की GST चोरी की. पीयूष के घर से 200 से अधिक फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल मिले हैं. पीयूष जैन के घर में बड़ी तादाद में बक्से मंगवाये गए हैं. छापेमारी के दौरान जीएसटी चोरी का भारी खेल सामने आया है. वहीं इनकम टैक्स और जीएसटी विभाग ने 12 से ज्यादा संदूक मंगाए हैं ताकि करोड़ों रुपये रखे जा सकें. इन रुपयों को गिनने के लिए अभी तक 6 मशीनें लाई गई हैं और मौके पर बैंककर्मियों के अलावा पीएसी और पुलिस बल मौजूद है.

कारोबारियों पर आईटी टीम की रेड पर बीजेपी की प्रतिक्रिया आई है और पार्टी ने सपा से कारोबारियों के संबंध जोड़े हैं. यूपी भाजपा ने ट्वीट कर कहा, ‘यह है सपाइयों का असली रंग. समाजवादी इत्र से ‘भ्रष्टाचार की गंध’ छिप नहीं पाई अखिलेश जी. करोड़ों-करोड़ों का काला धन आपके झूठे समाजवाद की पोल खोल रहा है. इत्र की विशेषता खुशबू होती है. मगर यदि इत्र सपा वालों के हाथ लग जाए तो वे इसकी महक को भी मार देते हैं. सपा मतलब- यत्र (इत्र), तत्र, सर्वत्र भ्रष्टाचार. सपा मतलब भ्रष्टाचार… ये नई नहीं, वही सपा है.’

वहीं, समाजवादी पार्टी ने आरोपों से इनकार कर दिया है. सपा के मीडिया कंसलटेंट आशीष यादव ने ट्वीट कर कहा कि कानपुर के कारोबारी के घरों में पड़े छापे से सपा का कोई नाता नहीं है. समाजवादी इत्र और समाजवादियों से कारोबारी का कोई नाता नहीं है. कानपुर में कारोबारी के घर पर पड़े छापे को सपा से जोड़ना गलत है.

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