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नहलाते वक़्त टू’ट गई कृष्ण लला के मूर्ति की बांह, पुजारी रोते हुए पहुंचा अस्पताल, कराई मूर्ति की मरहम-पट्टी

उत्तर प्रदेश के आगरा से एक अनोखा मामला सामने आया है. आगरा के जिला अस्पताल के स्टाफ उस समय हैरान रह गए, जब एक पुजारी ‘लड्डू गोपाल’ की प्रतिमा लेकर अस्पताल पहुंचा तो मामला सुर्खियों में छा गया। दरअसल, शुक्रवार को लेख सिंह नाम का पुजारी ‘भगवान श्री कृष्ण’(Lord Shri Krishna) की मूर्ति का इलाज करवाने अस्पताल गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, सुबह ‘लड्डू गोपाल’ स्नान करवाते समय गलती से मूर्ति की बांह टूट गई थी। इस घटना से पुजारी काफी दुखी था। ऐसे में जब वो प्रतिमा का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचा तो वहां का स्फाट चक्कर में पड़ गया। हालांकि, पुजारी की भावनाओं को समझते हुए डॉक्टर ने ‘श्री कृष्णा’ का पर्चा बनाया और मूर्ति की टूटी हुई बांह पर पट्टी बांधी।

पुजारी ने अस्पताल कर्मियों को बताया कि भगवान कृष्ण की मूर्ति का हाथ सुबह स्नान कराते समय गलती से टूट गई. कुछ देर तक ना नुकुर के बाद आखिरकार अस्पताल के स्टाफ ने ‘श्री कृष्णा’ के नाम पर रजिस्ट्रेशन किया और मूर्ति की टूटी हुई बांह पर पट्टी बांधी.

सोशल मीडिया पर ‘लड्डू गोपाल’ की मूर्ति के साथ रोते हुए इस पुजारी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पुजारी सुबह 9 बजे अस्पताल पहुंचा और स्टाफ से मूर्ति की बांह पर पट्टी करने की जिद करने लगा। पुजारी ने बताया कि जब मैं सुबह ‘लड्डू गोपाल’ को नहला रहा था तो मूर्ति मेरे हाथ से फिसल कर गिर गई और बांह टूट गई। इससे मैं काफी परेशान हो गया और इसलिए मैं जिला अस्पताल में मूर्ति लेकर पहुंच गया। पुजारी ने बताया, ‘जब मैं सुबह प्रार्थना कर रहा था और भगवान की मूर्ति को स्नान करा रहा था, तो मूर्ति फिसल गई और उसका हाथ टूट गया.’

जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘उन्हें अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक पुजारी टूटी हुई बांह वाली मूर्ति लेकर आया है और उसका इलाज कराने के लिए रो रहा है। उन्होंने कहा कि पुजारी की भावनाओं को देखते हुए उन्होंने मूर्ति के लिए ‘श्रीकृष्ण’ के नाम पर पंजीकरण कराया और पुजारी की संतुष्टि के लिए मूर्ति पर पट्टी भी बांधी।

वहीं पुजारी ने बताया, ‘मेरी गुहार को अस्पताल में किसी ने भी गंभीरता से नहीं लिया। मैं अंदर से टूटा हुआ था, इसलिए अपने भगवान के लिए रोने लगा।’ उन्होंने आगे कहा कि वो करीब 35 वर्षों से अर्जुन नगर के खेरिया मोड स्थित प​थवारी मंदिर में पुजारी हैं।

 

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