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नए साल में मिलने वाली है बड़ी खुशखबरी, हफ्ते में मिलेगी 3 दिन की छुट्टी, जानिए कितने घंटे करना होगा काम

अभी ऑफिस जाते हैं तो आपको हफ्ते में 6 या 5 दिन काम करना होता है और एक या दो दिन छुट्टी मिलती है. लेकिन, अब एक दिन की जगह आपको हर हफ्ते तीन दिन की छुट्टी मिलेगी और आपको सिर्फ 4 दिन ही काम करना होगा. जी हां, सरकार नए लेबर कोड पर काम कर रही है और माना जा रहा है कि जल्द ही छुट्टियों के नियम में बदलाव हो सकता है. बताया जा रहा है कि देश में बने नए श्रम कानूनों के तहत आने वाले दिनों में हफ्ते में तीन दिन छुट्टी मिल सकती है.

केंद्र सरकार (Central Government) जल्द ही एक नया कानून लागू करने जा रही है, जिसके बाद आपको हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी मिल सकती है. इसके साथ ही टेक होम सैलरी और प्रोविडेंट फंड (PF Details) में भी कई तरह के बदलाव हो जाएंगे. इस नए लेबर कोड या न्यू वेज कोड (new wage code bill 2021) के आने जाने के बाद नौकरीपेशा और मजदूरों को काफी फायदा मिलेगा, लेकिन अभी तक इसके आने की तारीख तय नहीं है. हालांकि माना जा रहा है कि नए साल में सरकार इसको लागू कर सकती है.

हालांकि, 4 दिन नौकरी करने पर आपकी डेली शिफ्ट के टाइमिंग में बदलाव हो सकती है, इससे सरकार ने काम के घंटों को बढ़ाकर 12 तक करने को फैसला किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नए लेबर कोड में नियमों में ये विकल्प भी रखा जाएगा, जिस पर कंपनी और कर्मचारी आपसी सहमति से फैसला ले सकते हैं. साथ ही ये भी बताया जा रहा है कि काम करने के घंटों की हफ्ते में अधिकतम सीमा 48 घंटे रखी गई है, ऐसे में काम के दिन घट सकते हैं.

आपको बता दें 13 राज्यों ने इसकी तैयारी भी कर ली है यानी इसके नियम बना लिए हैं और बकाया राज्य भी इस पर काम कर रहे हैं. तो इस तरह से नौकरीपेशा लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिल जाएगा. आपको बता दें नए वेज कोड में कई खास प्रावधान है, जिसके बाद ऑफिस में काम करने के घंटों को बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया जाएगा और 3 दिन की छुट्टी का नियम भी लाया जाएगा. फिलहाल अभी कुछ यूनियन 12 घंटे काम और 3 दिन की छुट्टी वाले नियम पर सवाल उठा रहे हैं. इस पर सरकार ने कहा है कि हफ्ते में सिर्फ 48 घंटे काम का ही नियम रहेगा.

इस लेबर कोड से कई लोगों को परेशानी भी हो सकती है, क्योंकि इससे हाथ में आने वाली सैलरी यानी आपकी इनहैंड सैलरी कम हो सकती है. दरअसल, इन नियमों के हिसाब मूल वेतन कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए और इससे सैलरी ब्रैक-अप बदल जाएगा. जिन लोगों की सैलरी में अलाउंस का पार्ट ज्यादा है, उनका अब पीएफ बढ़ जाएगा और हाथ में आने वाले पैसे कम हो जाएंगे.इसके अलावा एक्सपर्ट का मानना है कि नए कानून से कर्मचारियों के मूल वेतल और पीएफ की गणना का भी तरीका बदल जाएगा. इसके लागू होने के बाद एक ओर कर्मचारियों का प्रोविडेंट फंड में हर महीने योगदान बढ़ जाएगा. वहीं, टेक होम सैलरी कम हो जाएगी. नए वेज कोड में भत्तों को 50 फीसदी पर सीमित कर दिया गया है. इससे कर्मचारियों के कुल वेतन का 50 प्रतिशत मूल वेतन हो जाएगा.

सरकार ने 29 केंद्रीय लेबर कानूनों को मिलाकर 4 नए कोड (New Wages Code) बनाए हैं. इनमें इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, कोड ऑन ऑक्‍यूपेशनल सेफ्टी, हेल्‍थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड (OSH), सोशल सिक्‍योरिटी कोड और कोड ऑन वेजेज शामिल हैं. आपको बता दें सैलरी का 50 फीसदी सीधे तौर पर वेजेज में शामिल होगा. संसद से श्रम सुधारों से जुड़े नए कानून पास हो चुके हैं. अब इन्हें लागू करना है.

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